Advertisement क्या है | In Hindi

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आज के युग की इस भागदौड़ में लोगों का आराम कम और काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। अब समय कम रहता है किसी चीज को तस्सली से बैठ के देखा जाए या समझा जाए।

इसलिए लगता है मानो सब कुछ जल्दी जल्दी आगे बढ़ रहा है परंतु फिर भी कई प्रकार की चीज़ें चाहे वो मनोरंज, सामाजिक, शिक्षा, सेहत से जुड़ी ख़बरें हमारा ध्यान आकर्षित कर लेती है चाहे  समाचार पत्र मे हो या फिर किसी पत्रिकाएं,

जर्नल मे हो चाहे टीवी पर प्रसारित हो रहे तमाम छोटे छोटे विज्ञापन तो कहीं मोबाईल फोन के किसी ऐप के इस्तेमाल के दौरान कोई एड या फिर कहीं घूमते फिरते जाते मेट्रो, ट्रेन पर लगे बड़े विज्ञापन होर्डिंग्स।

आखिर क्या है ये सब और कैसे हमे इतना आकर्षित करती हैं। इसे ही तो विज्ञापन कहते है और यह सब विज्ञापन का तरीका है। 

विज्ञापन संचार का उपयुक्त साधन हैं खासकर तब जब बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक अपनी बात या प्रॉडक्ट या किसी प्रकार को सेवा पहुंचानी हो।

यानी कि विज्ञापन के माध्यम से लोगों को प्रभावित करना और उनका ध्यान अपने ओर केंद्रित करना मार्केटिंग है।

आज हर सोशल मीडिया प्लेफॉर्म ढेरों विज्ञापनओ से भरे पड़े है। यही वजह भी है कि खुद सरकार हो या फिर अन्य कोई संस्था या कोई प्राइवेट लिमिटेड फर्म सब विज्ञापनों द्वारा अपने आप को प्रमोट कर रहे हैं। 

Advertisement के प्रकार: 

विज्ञापन कई प्रकार के है। इन्हे समझना बहुत जरूरी है क्योंकि अलग अलग उत्पादों, सेवाओं के लिए अलग अलग प्रकार से विज्ञापन जरूरी है।

प्रिंट विज्ञापनों (Print advertisement):

यह सबसे पुराना और आज भी सबसे ज्यादा लोकप्रिय विज्ञापन का रूप ले जैसे की समाचार पत्र, पत्रिकाएँ आदि।

दृश्य विज्ञापन प्रदर्शन (Display Ads):

इस प्रकार के विज्ञापन में बैनर या छोटे छोटे डिजिटल होर्डिग्स नज़र आते है, जब हम किसी वेबसाइट पर ब्राउज़ करते हैं। यह ब्रांडिंग के लिय उपयुक्त है क्यूंकि बहुत ही कम समय मे ब्राउजर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है।

वीडियो विज्ञापन (Video Advertisement):

इसे सोशल मीडिया एड्स (Social media Ads) कहते प्हैं। यह सबसे ज्यादा प्रचलित विज्ञापन का तरीका है और क्यों ना हो आज के समय मे शायद ही कोई होगा जिसकी सोशल मीडिया तक पहुंच ना हो। 

मोबाइल विज्ञापन (Mobile Advertising):

मोबाईल विज्ञापन आज बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है क्यूंकि आज हर एक काम हम स्मार्टफोन से जो करते हैं। वीडियो आधारित सोशल मीडिया मोबाईल पर आसानी से संभव है।

आउटडोर विज्ञापन:

जब हम कहीं कोई पोस्टर या बैनर लगा देखते है किसी के घर के बाहर, कहीं किसी बस स्टैंड, मेट्रो स्टैंड या फिर ट्रेन प्लेटफार्म पर, ये सभी आउटडोर विज्ञापन ही तो है। यानी की पूरी दुनिया को ढिखाने जैसा।

विज्ञापन के कई प्रकार हो सकते है फिर चाहे एक कॉपी, प्रतिलिपि से लेकर इंटरनेट पर उपल्ब्ध स्ट्रीम विडियोज तक।

क्यों ज़रूरी है Advertisement :

हजारों की संख्या मे आज कई सेवा और प्रोडक्ट्स मार्केट मे बनते या यूं कहें तो अविष्कार होते है। उपभोक्ता हर किसी के बारे में कैसे जानकारी प्राप्त करे? उसके लिय सभी सेवाओं को याद रख पाना भी संभव नहीं है

इसलिए फिर वो कैसे किसी सेवा को प्राप्त करेगा? इसलिए विज्ञापान जरूरी है क्यूंकि इससे उपभोक्ता को जानकारी प्राप्त होती हैं और साथ ही किसी प्रॉडक्ट का प्रमोशन भी होता है।

  • ग्राहक तक किसी छोटी से लेकर बडी सेवा या घर, कॉस्मेटिक्स आदि मे इस्तेमाल होने वाले प्रॉडक्ट के बारे में जानकारी देने का सरल तरीका।
  • ब्रांड जागरूकता यानी कि कस्टमर्स के बीच किसी ब्रांड को लोकप्रिय एवम खास बना देता है! जितना अच्छा विज्ञापन उतना ही उपभोक्ता का रुझान बढ़ेगा।
  • बिक्री बढ़ाने में सहायक है क्योंकि उपभोक्ता तक प्रोडक्ट्स कि जानकारी प्राप्त हो रही है एवम वो उस प्रोडक्ट को ख़रीद भी रहे है।
  • सुधार और समायचना में मददगार या यूं कहे तो अगर कुछ कोई चीज गलत हो गई है तो विज्ञापन के ज़रिए उसे सुधरा जा सकता है।
  • आम आदमी के बीच किसी भी प्रकार की जागरूकता फैलाने में भी मददगार जैसा कि हम सरकार की तरफ से लगे विज्ञापनो में देखते हैं।
  • वेबसाइट ट्रैफ़िक बढ़ाने में सहायक क्यूंकि सोशल मीडिया प्लेटफार्म या भुगतान लिंक से किसी भी विज्ञापन से लोगो को उस प्रॉडक्ट की वेबसाइट तक पहुंचाते हैं। ये डिजिटल मार्केटिंग के लिए फायदा है। ये एक तरह से डिजिटल विज्ञापन का फायदा है।
  • बिक्री एवम लाभ बढ़ाने में सहायक: यही तो मुख्य कारण है किसी भी विज्ञापन के पीछे। उपभोक्ता तक प्रोडक्ट्स की जानकारी देना या यूं कहे की उनकी रुचि बढ़ाना जिससे वो ज्यादा से ज्यादा उस सेवा को प्राप्त करे या वो उत्पाद खरीदें। जिससे कंपनी का फायदा हो और लाभ कमाए।

इसलिए आज के युग में विज्ञापन का इतना महत्व बढ़ रहा है क्यूंकि सही कहा है किसी ने जो दिखता है वो बिकता है। शायद यही कारण है कि बड़ी बड़ी कंपनीज़ लाखों खर्च करती है सिर्फ और सिर्फ विज्ञापनो पर।

चाहे कोई नई फिल्म पोस्टर हो या सरकार की नई स्कीम का लगा बैनर हो, चाहे किसी हॉस्पिटल या होटल की होर्डिंग लगी हो या फिर किसी प्रॉडक्ट की एड आपके यूट्यूब वीडियो के मध्य आ जाए, यही सब तो विज्ञापन  है।

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1 Comment
  1. amit says

    very informational article good job

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